वाशिंगटन: अमेरिका में इन दिनों फेडरल एजेंसियों (federal agencies) की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में गुस्सा बढ़ा हुआ है। मिनियापोलिस जैसे शहरों में तनाव और विरोध प्रदर्शनों ने मामला और संवेदनशील बना दिया है। संघीय अधिकारों की आव्रजन संबंधी कार्रवाइयों पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) ने फेडरल एजेंट्स को निर्देश दिए हैं कि वे डेमोक्रेट-शासित शहरों में विरोध प्रदर्शनों में बिना मांग के दखल न दें।
ट्रंप ने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) को स्पष्ट किया है कि जब तक किसी डेमोक्रेट शहर की ओर से फेडरल मदद नहीं मांगी जाती, तब तक एजेंट्स प्रदर्शन में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह आदेश मिनियापोलिस में संघीय एजेंटों की कार्रवाई के दौरान हुई दो मौतों के बाद जारी किया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के तहत संघीय इमारतों की सुरक्षा के लिए एजेंट आक्रामक रह सकते हैं, लेकिन आम नागरिकों के विरोध प्रदर्शन में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि फेडरल एजेंटों के खिलाफ हिंसा करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि एजेंटों के चेहरे पर थूकना, वाहनों की हेडलाइट्स पर मुक्का मारना, गाड़ियों या संघीय सुरक्षा के तहत किसी भी चीज को नुकसान पहुँचाना मना है। इस तरह की हरकत करने वालों को कानूनी कार्रवाई और गंभीर परिणामों का सामना करना होगा।
मिनेसोटा के मिनियापोलिस में हाल ही में आव्रजन प्रवर्तन अभियान के दौरान नर्स एलेक्स प्रीटी की गोली लगने से मौत हुई। यह घटना 7 जनवरी को गाड़ी चलाते समय गोली मारकर हत्या की गई रेनी गुड की मौत के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच आई। इस कारण शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
ट्रंप ने पिछले साल भी डेमोक्रेट शासित राज्यों और शहरों जैसे शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड पर आव्रजन के मुद्दे को लेकर सख्ती बरती थी। उन्होंने कहा था कि अपराधियों को अमेरिका से बाहर निकालने के लिए सैन्य अभियान आवश्यक हैं। उनके इस रुख ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया था।
मिनियापोलिस में चल रहे अभियान में लगभग 3,000 संघीय एजेंट तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा संघीय आव्रजन प्रवर्तन अभियान है। यह अभियान नवंबर में शुरू हुआ और इसका एक हिस्सा सोमाली मूल के निवासियों से जुड़े धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित है।
स्थानीय नागरिकों और अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि फेडरल एजेंट्स की भारी संख्या और आक्रामक कार्रवाई ने शहर में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारी न्यायिक प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप के नए निर्देशों का मकसद विवादास्पद कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव को कम करना बताया जा रहा है। एजेंट्स अब बिना नगर प्रशासन की अनुमति के हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह कदम राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे डेमोक्रेट शासित शहरों में तनाव कम होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फेडरल एजेंसियों की यह स्थिति अमेरिकी राजनीति और स्थानीय प्रशासन के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश है। हालांकि, अब भी यह देखना बाकी है कि निर्देशों का प्रभाव शहरों में सुरक्षा और नागरिक अधिकारों पर कितना पड़ता है।
मिनियापोलिस और अन्य प्रभावित शहरों में प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई है और जनता को शांत रहने की सलाह दी है। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य फेडरल एजेंसियों और स्थानीय नागरिकों के बीच टकराव को नियंत्रित करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।


