तेहरान: ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas) में रविवार को एक रिहायशी इमारत में जोरदार विस्फोट (explosion) हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि कम से कम 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया में जारी वीडियो में राहतकर्मी मलबे से घायलों को निकालते हुए दिखाई दिए। स्ट्रेचर पर ले जाए जाने वाले सुरक्षा बल के एक सदस्य की हालत गंभीर बताई गई। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने किसी वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी के घायल होने की खबरों का खंडन किया है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने विस्फोट का कारण गैस रिसाव बताया है। प्रारंभिक जांच में इसे आतंकी हमला या सैन्य कार्रवाई से जोड़कर नहीं देखा जा रहा, लेकिन घटना का समय और स्थान, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास होने के कारण, सुरक्षा विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार गुजरता है और अमेरिका पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुका है कि इस जलमार्ग में उसके युद्धपोतों या वाणिज्यिक जहाजों को किसी भी प्रकार का खतरा न हो।
इसी दिन ईरान के दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज़ में भी एक गैस विस्फोट की खबर सामने आई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रही इन घटनाओं ने देश के भीतर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसे ईरान के नागरिक और रणनीतिक स्थलों की सुरक्षा को चुनौती देते हैं।
घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के दमन या बड़े पैमाने पर फांसी की स्थिति पर सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं।
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “वार्ता के ढांचे पर काम आगे बढ़ रहा है।” वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही अमेरिका से सीधे बातचीत से इनकार कर चुके हैं। इसने क्षेत्रीय तनाव को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है।
स्थानीय राहत और बचाव अभियान में दमकल और सुरक्षा बलों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। मलबे से घायल नागरिकों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने प्रभावित इलाके की जांच शुरू कर दी है और नागरिकों को सुरक्षा के लिए चेतावनी जारी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंदर अब्बास में विस्फोट का समय, जब ईरान अगले दिन होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक अभ्यास करने वाला था, अत्यंत संवेदनशील है। इसके चलते अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश इस क्षेत्र में अपने युद्धपोतों और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा बढ़ा सकते हैं।
ईरान ने घटनाओं के बीच खुद को शांतिपूर्ण ढंग से स्थिति संभालने की कोशिश की है, लेकिन लगातार विस्फोट और गैस रिसाव के हादसे स्थानीय नागरिकों में चिंता और तनाव बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान के ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे के लिए जोखिम का संकेत है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिस्र और कतर जैसे देश तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने ईरान और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है। वहीं, कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान का दौरा कर क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयास किए।
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से यह विस्फोट न केवल मानव जीवन के लिए खतरनाक है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल व्यापार और अमेरिका-ईरान संबंधों पर भी असर डाल सकता है। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी जांच जारी रहेगी और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।


