हवाना (क्यूबा): कैरिबियाई सागर में स्थित क्यूबा (Cuban) और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) ने 29 जनवरी को क्यूबा को तेल आपूर्ति करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। इसके अलावा, कनाडाई विमानों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का आदेश भी जारी किया गया। इस कदम को लेकर क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल बर्मुडेज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे क्यूबा की अर्थव्यवस्था को दबाने की कोशिश करार दिया।
डियाज कैनेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका बल प्रयोग के जरिए अपनी विदेश नीति थोपने का खतरनाक तरीका अपना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि कौन से देश क्यूबा के साथ व्यापार कर सकते हैं। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि क्यूबा इस नए हमले का दृढ़ता, शांति और न्यायसंगत तर्क के साथ सामना करेगा।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे पास विकल्प सिर्फ दो हैं: मातृभूमि या मौत। हम जीतेंगे!” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल क्यूबा की स्वतंत्रता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की रक्षा के लिए है।
ट्रंप प्रशासन की चेतावनी के तहत, व्हाइट हाउस ने एक कार्यकारी आदेश जारी किया है जिसमें किसी भी विदेशी देश के उत्पादों पर अतिरिक्त मूल्य-आधारित शुल्क लगाने की अनुमति दी गई है, जो सीधे या परोक्ष रूप से क्यूबा को तेल आपूर्ति करता है। इस कदम से क्यूबा पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने अमेरिकी कदम को साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षा और विदेशी नीतियों में बल प्रयोग का उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल क्यूबा की अर्थव्यवस्था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग पर भी असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ और आर्थिक दबाव क्यूबा की तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकते हैं। यह निर्णय उन देशों को सीधे चुनौतियों में डाल रहा है जो क्यूबा को ऊर्जा संसाधन प्रदान करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यूबा और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी थी कि यदि वे तेल आपूर्ति रोकने या प्रतिबंधित नहीं करते, तो उनके उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया जा सकता है। इससे क्यूबा के आर्थिक साझेदारों में असंतोष बढ़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है।
क्यूबा की प्रतिक्रिया में यह स्पष्ट हुआ कि देश अपनी आत्मनिर्भरता बनाए रखने और अमेरिकी दबाव का मुकाबला करने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति डियाज ने जोर देकर कहा कि क्यूबा किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
मौजूदा तनाव ने अमेरिका और क्यूबा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा दिया है। इस कदम के बाद क्यूबा के क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापारिक सहयोग पर असर पड़ने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय केवल क्यूबा को आर्थिक रूप से दबाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी दबदबे और सामरिक महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है। क्यूबा ने स्पष्ट किया कि वह इस दबाव के खिलाफ अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा करेगा।


