फर्रुखाबाद: केंद्रीय बजट 2026 (union budget) को लेकर जनपद में आम जनता (general public) की मिली-जुली लेकिन अधिकतर निराशाजनक प्रतिक्रिया सामने आई है। अधिकांश लोगों का कहना है कि यह बजट आम आदमी की जरूरतों से दूर है, जबकि विचारधारा विशेष से जुड़े लोग इसे जनहितकारी बता रहे हैं।
डॉ. संदीप शर्मा ने बजट पर निराशा जताते हुए कहा कि इसमें बेरोजगारों, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। आयकर छूट नहीं बढ़ने से मध्यम वर्ग को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि बजट में नई रोजगार योजनाओं का अभाव है और जो सुविधाएं दी गई हैं, वे पहले से व्यापार करने वालों तक सीमित हैं। रोजमर्रा की जरूरतों और बढ़ती महंगाई से राहत के लिए बजट में कुछ नहीं है।
कामरेड सतीश गंगवार ने कहा कि यह बजट महंगाई को और बढ़ाने वाला साबित होगा और आम आदमी का जीवन और कठिन हो जाएगा। उनके अनुसार बजट का झुकाव पूंजीपतियों की ओर ज्यादा है। वहीं रोहित शर्मा ने भी कहा कि बजट से आम जनता को कोई सीधा फायदा नहीं हुआ है और महंगाई बढ़ने की आशंका है। व्यापार नेत्री सोनी शुक्ला ने भी बजट को आम आदमी के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें जनसामान्य के लिए कुछ खास नहीं है और यह मुख्य रूप से पूंजीपतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।


