फर्रुखाबाद। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर चालक खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ओवरलोड ट्रॉली में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बैठाकर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाए जा रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार तिराहों और चौराहों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई बार पुलिस कर्मी इन चालकों को समझाना तक मुनासिब नहीं समझते, जिससे चालकों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने, ब्रेक फेल होने या असंतुलन बिगड़ने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। खासकर मेले, बाजार और धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली को सवारी वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कानूनन अपराध है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और तिराहों-चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए जाएं कि ओवरलोड वाहनों को तत्काल रोका जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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