अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मौसमी अतिथि कर्मचारी वीजा H-2B को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने सितंबर तक इन वीजा की संख्या में 65 हजार की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी श्रमिकों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संघीय रजिस्टर में जारी नोटिस के अनुसार, अतिरिक्त वीजा उन अमेरिकी नियोक्ताओं को दिए जाएंगे, जो स्थानीय श्रमिकों की कमी के चलते गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कई उद्योग ऐसे हैं, जहां पर्याप्त अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
इस फैसले के लागू होने के बाद हर साल उपलब्ध 66 हजार H-2B वीजा की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी। इसका सीधा लाभ निर्माण, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), लैंडस्केपिंग और सीफूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को मिलेगा, जहां श्रमिकों की भारी कमी बनी रहती है।
इन उद्योगों में लंबे समय से कर्मचारियों की कमी को एक बड़ी समस्या माना जा रहा है। कई कंपनियों का कहना है कि पर्याप्त श्रमिक न मिलने के कारण उन्हें अपने कामकाज का दायरा सीमित करना पड़ता है या भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में वीजा संख्या बढ़ाने का फैसला कारोबारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
हालांकि, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 में व्हाइट हाउस लौटने के बाद आव्रजन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनके प्रशासन ने अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे प्रवासियों को अपराध और सामाजिक बोझ के रूप में पेश करते हुए उनके खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।
इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने वैधानिक आव्रजन के तरीकों पर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं। इनमें बड़े पैमाने पर यात्रा प्रतिबंध, शरणार्थी कार्यक्रमों पर रोक और शरण के मामलों की सख्त समीक्षा जैसे कदम शामिल हैं, जिनकी देश-विदेश में आलोचना भी हुई है।
प्रशासन का तर्क है कि H-2B वीजा बढ़ाने का फैसला अस्थायी श्रमिक जरूरतों को पूरा करने के लिए है, न कि स्थायी आव्रजन को बढ़ावा देने के लिए। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने और जरूरी उद्योगों को चलाए रखने के लिए जरूरी है।
अतिरिक्त H-2B वीजा से जुड़े नियमों का औपचारिक प्रकाशन मंगलवार को संघीय रजिस्टर में किया जाएगा। इसके बाद नियोक्ता और विदेशी श्रमिक इस योजना से जुड़ी विस्तृत प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे। माना जा रहा है कि यह फैसला आने वाले महीनों में अमेरिकी श्रम बाजार पर अहम असर डालेगा।


