बाल विवाह कानूनन अपराध, समाज को जागरूक होना होगा : पुलिस अधीक्षक
शाहजहाँपुर: पेस संस्थान द्वारा बाल विवाह मुक्ति (freedom from child marriage) पहल के अंतर्गत शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय (Superintendent of Police’s Office) शाहजहाँपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक कुरीति बताते हुए कहा कि यह न केवल बच्चों के भविष्य के लिए घातक है, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास को बुरी तरह प्रभावित करता है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है और समाज की प्रगति भी बाधित होती है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा उसे बढ़ावा देना अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने बाल विवाह मुक्ति हेतु बनाए गए पोस्टर पर हस्ताक्षर कर उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल अधिकारों तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के सभी वर्गों से बाल विवाह उन्मूलन के लिए सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। अंत में पुलिस अधीक्षक ने आह्वान किया कि सभी लोग बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहें और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाओं का पूर्ण सहयोग करें।


