फर्रुखाबाद: मेला श्रीरामनगरिया (Mela Shriramnagariya) के सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या इस वर्ष विशेष रूप से यादगार रही। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के मार्गदर्शन में जनपद के स्थानीय कलाकारों को मंच देने की पहल के तहत इस कार्यक्रम में कथक नृत्यांगना एवं प्रशिक्षिका अंजली चौहान की टीम (Team Anjali Chauhan) ने मनमोहक प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक विभाग उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध अंजली चौहान—जो मूलतः फर्रुखाबाद की निवासी हैं—ने अपनी टीम के साथ नृत्य, भाव-भंगिमा और मंचीय अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और तालियों की गूंज से पूरा पंडाल गूंज उठा। अंजली चौहान बॉलीवुड फिल्म ग़दर-2 सहित अनेक मंचों पर अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वर्तमान में वे जनपद के बच्चों को नृत्यकला का प्रशिक्षण देकर स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का कार्य कर रही हैं, जिसकी झलक मंच पर साफ़ दिखाई दी।
कार्यक्रम के मध्य राम स्वयंवर का अत्यंत प्रभावशाली मंचन प्रस्तुत किया गया। नृत्य और नाट्य के इस अनूठे संगम ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और आध्यात्मिक वातावरण को और सघन बना दिया।
नन्हे कलाकारों ने जीता दिल
अंजली चौहान द्वारा प्रशिक्षित नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। बच्चों की मासूम अदाओं और सधे हुए कदमों ने दर्शकों के चेहरे खिल उठा दिए।
उपस्थित गणमान्य एवं संचालन
कार्यक्रम में मेला सचिव एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार, भूपेंद्र प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन का सधे और प्रभावशाली संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। यह सांस्कृतिक संध्या मेला श्रीरामनगरिया को आस्था के साथ-साथ कला और संस्कृति का सशक्त केंद्र सिद्ध करती नज़र आई।
मेला श्रीरामनगरिया, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में गंगा जी के पावन तट पर माघ माह में आयोजित होने वाला एक प्राचीन धार्मिक मेला है। कल्पवास, साधु-संतों की साधना, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध यह मेला, प्रयागराज के बाद गंगा तट पर आयोजित होने वाले प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है।


