फर्रुखाबाद| कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सांसद मुकेश राजपूत ने की। बैठक का उद्देश्य जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करना और उन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना रहा।
बैठक में सांसद मुकेश राजपूत ने राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नेशनल हाईवे को अतिशीघ्र दुरुस्त कराया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
बैठक के दौरान एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तक फर्रुखाबाद जनपद में कुल 490 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 284 लोगों की मृत्यु हुई और 379 लोग घायल हुए। जबकि वर्ष 2024 में 390 दुर्घटनाओं में 213 लोगों की मौत हुई थी और 301 लोग घायल हुए थे। इस प्रकार दुर्घटनाओं की संख्या में लगभग 25.64 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में हुई 490 दुर्घटनाओं में से 314 दुर्घटनाओं में कम से कम एक दोपहिया वाहन शामिल था। इन हादसों में 177 दोपहिया सवारों की मौत हुई और 221 घायल हुए। कुल सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 64 प्रतिशत और मृतकों में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी करीब 62 प्रतिशत रही, जो सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर संकेत है। इसके अलावा 87 ऐसी दुर्घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें दोनों वाहन दोपहिया थे, इनमें 30 लोगों की जान गई और 52 लोग घायल हुए।
हिट एंड रन के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि सामने आई है। दिसंबर 2025 तक जिले में हिट एंड रन के 109 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 49 लोगों की मृत्यु हुई और 80 लोग घायल हुए। जबकि वर्ष 2024 में हिट एंड रन की 66 घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें 43 मौतें और 28 घायल हुए थे।
बैठक में मौजूद अधिकारियों को सांसद ने निर्देशित किया कि ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज करने पर भी जोर दिया गया।





