अब आईजी स्तर पर एम्पैनलमेंट से पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनिवार्य
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के एम्पैनलमेंट नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत अब 2011 बैच और उसके बाद के आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार में आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) स्तर पर एम्पैनलमेंट पाने से पहले एसपी/डीआईजी रैंक पर कम से कम दो वर्ष की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करनी होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस फैसले का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार में एसपी और डीआईजी स्तर पर लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना है। अब राज्यों के कैडर में तैनात आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्र में सेवा देना करियर प्रगति का अनिवार्य हिस्सा बन जाएगा।
अब तक कई अधिकारी बिना पर्याप्त केंद्रीय अनुभव के ही वरिष्ठ पदों के लिए एम्पैनलमेंट प्राप्त कर लेते थे, लेकिन नए नियमों के लागू होने से यह प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक और अनुभव आधारित हो जाएगी। माना जा रहा है कि इससे केंद्र सरकार के विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों में कार्यकुशलता भी बढ़ेगी।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का सीधा असर भविष्य में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर पड़ेगा। राज्यों में कार्यरत आईपीएस अधिकारियों को अब अपनी पदोन्नति और केंद्र में उच्च पद पाने के लिए केंद्रीय सेवा को प्राथमिकता देनी होगी।
हालांकि, कुछ राज्यों में इस फैसले को लेकर अंदरखाने चर्चा भी शुरू हो गई है, क्योंकि इससे राज्यों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। बावजूद इसके, केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप सुधार बता रही है।
कुल मिलाकर, यह फैसला न सिर्फ आईपीएस अधिकारियों की कार्यशैली और करियर योजना को बदलेगा, बल्कि केंद्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक संतुलन को भी नई दिशा देगा।

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