– जल मिशन में खोदी गई सड़कों की मरम्मत का पैसा ग्राम पंचायत को देने की मांग
– चेतावनी—‘उत्पीड़न हुआ तो जंग होगी’
महोबा/बुंदेलखंड। बुंदेलखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद गंगा चरण सिंह ने विकास कार्यों को लेकर प्रशासन और सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास केवल कागज़ों में दिखाई दे रहा है, ज़मीन पर उसकी सच्चाई बिल्कुल अलग है।
गंगा चरण सिंह ने कहा कि गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन उसके बाद मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा यह है कि ग्रामीण इलाकों में सड़कें बदहाल हैं और आम लोगों को रोज़मर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पूर्व सांसद ने स्पष्ट मांग की कि जल मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए जो धनराशि है, वह सीधे ग्राम पंचायतों को दी जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर काम हो सके और जवाबदेही भी तय हो। उन्होंने कहा कि जब तक पैसा ऊपर ही घूमता रहेगा, तब तक गांवों की हालत नहीं सुधरेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि प्रशासनिक अधिकारी किसी मंत्री के इशारे पर ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न करते हैं, तो अब इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गंगा चरण सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“अगर प्रधानों को डराने या दबाने की कोशिश हुई, तो अब आर-पार की जंग होगी।”
इस बयान के बाद बुंदेलखंड के ग्रामीण इलाकों में चर्चा तेज हो गई है। ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के नाम पर गांवों में खुदाई तो हुई, लेकिन सड़कों की मरम्मत न होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
पूर्व सांसद गंगा चरण सिंह का यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की अनदेखी पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस चेतावनी को गंभीरता से लेती है या फिर यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़े जन आंदोलन का रूप लेता है।

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