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Friday, January 30, 2026

बंधक अवशेष मिलने के बाद राफा क्रॉसिंग खोली जाएगी, पुनर्निर्माण पर शांति प्रयास तेज

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गाजा में अंतिम इजरायली बंधक के अवशेष मिलने के बाद युद्धविराम के दूसरे चरण का रास्ता खुल गया है। इसी बीच इजरायल ने घोषणा की है कि गाजा और मिस्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग राफा क्रॉसिंग 1 फरवरी से खोल दिया जाएगा। COGAT (Coordinator of Government Activities in the Territories) ने शुक्रवार को कहा कि इस क्रॉसिंग से शुरू में सीमित आवाजाही की ही अनुमति दी जाएगी।

COGAT ने स्पष्ट किया कि सबसे पहले केवल वे लोग ही गाजा लौट सकेंगे, जो युद्ध के दौरान इजरायल की इजाजत से मिस्र गए थे। गाजा की लगभग 20 लाख आबादी के लिए यह क्रॉसिंग बाहरी दुनिया से जुड़ने का प्रमुख मार्ग है। मई 2024 में इजरायल ने इसे बंद कर दिया था और उसने कहा था कि यह केवल तब खोली जाएगी जब उसके आखिरी बंधक का अवशेष मिल जाएगा।

इजराइल और मिस्र दोनों इस सीमा से आने-जाने वाले व्यक्तियों की जांच करेंगे, जबकि यूरोपीय संघ के सीमा गश्ती अधिकारी निगरानी करेंगे। युद्ध के दौरान गाजा छोड़कर गए फलस्तीनियों को इजराइली सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद वापस लौटने की अनुमति दी जाएगी। सोमवार को बंधक अवशेष की बरामदगी ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ने का रास्ता साफ कर दिया।

फलस्तीन की विदेश मंत्री वारसेन अगाबेकियन शाहीन ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण प्रस्ताव पर फलस्तीन शायद आपत्ति नहीं करेगा, लेकिन केवल तभी जब इसका लाभ सीधे गाजावासियों को मिले और इसे उन पर थोपा न जाए।

शाहीन ने यह भी कहा कि ट्रंप के प्रस्तावित अमेरिकी नेतृत्व वाले ‘शांति बोर्ड’ में भारत की भागीदारी मददगार साबित हो सकती है। उनका मानना है कि पुनर्निर्माण और शांति प्रयासों में भारत की भूमिका क्षेत्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने ट्रंप के गाजा को “पश्चिम एशिया का लोकप्रिय स्थान” बनाने के विचार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थान गाजावासियों और फलस्तीनियों के लिए होना चाहिए, न कि केवल बाहरी देशों के आनंद के लिए। शाहीन ने जोर दिया कि इस तरह के किसी भी प्रयास को फलस्तीनियों के राजनीतिक अधिकारों से अलग नहीं देखा जा सकता।

COGAT के बयान के अनुसार, राफा क्रॉसिंग खुलने के बाद सहायता और कोऑर्डिनेशन का काम शुरू होगा, ताकि गाजा में जरूरी आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और मानवीय मदद पहुंचाई जा सके। शुरुआती चरण में आवाजाही सीमित रहेगी और इसके बाद आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया जाएगा।

फलस्तीन और मिस्र के बीच यह सीमा गाजा के लिए जीवनरेखा है, क्योंकि यह पट्टी को बाहरी दुनिया से जोड़ती है। युद्ध और सुरक्षा कारणों से लंबे समय तक इसे बंद रखा गया था, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन पर गंभीर असर पड़ा।

इस बीच, वैश्विक ध्यान गाजा के पुनर्निर्माण पर केंद्रित है। शाहीन ने कहा कि गाजा का पुनर्निर्माण केवल भौतिक ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें स्थानीय राजनीतिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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