– वृंदावन धाम से कौशल किशोर ठाकुर महाराज हैं पैरोंकार
प्रयागराज: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद (Shri Krishna Janmabhoomi case) से जुड़े मामलों की सुनवाई में अब एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने इस प्रकरण से जुड़े सभी 18 वादों की एक-एक करके सुनवाई किए जाने का निर्णय लिया है। न्यायालय ने सभी पक्षकारों को निर्देश दिया है कि वे एमेंडमेंट सहित अपने लिखित आवेदन 20 फरवरी तक दाखिल करें। इसके बाद वादों का निस्तारण क्रमवार सुनवाई के माध्यम से किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान विष्णु शंकर जैन की ओर से एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने स्वयं को सभी वादों का प्रतिनिधि अधिवक्ता बनाए जाने की मांग की है। इस आवेदन पर भी न्यायालय ने 20 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
प्रतिनिधित्व को लेकर आपत्ति
इसी मामले में एक हिंदू पक्षकार ने न्यायालय द्वारा कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर को श्रीकृष्ण का निकट मित्र/प्रतिनिधि घोषित किए जाने पर आपत्ति जताई है। उल्लेखनीय है कि कौशल किशोर ठाकुर वाद संख्या-7 में मुख्य पक्षकार हैं। उनकी ओर से अधिवक्ता रीना एन. सिंह, राणा सिंह और अक्षय रघुवंशी ने न्यायालय के समक्ष यह पक्ष रखा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा है, उसी स्थान को वास्तविक गर्भगृह बताया गया है। इस संबंध में कई साक्ष्य पहले ही न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
20 फरवरी को अगली सुनवाई
न्यायालय ने सभी पहलुओं को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को निर्धारित की है। माना जा रहा है कि इस तिथि के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े सभी वादों की सुनवाई एक नए क्रम और प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी।


