– संसद भवन में हुआ डिक्रिमिनलाइजेशन पर मंथन
– सांसद रमेश अवस्थी रहे शामिल
नई दिल्ली: जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025 (Public Trust Bill) से संबंधित प्रवर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को संसद भवन में आयोजित की गई। बैठक में कानपुर (Kanpur) से सांसद रमेश अवस्थी ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान विभिन्न केंद्रीय अधिनियमों में डिक्रिमिनलाइजेशन (अपराधमुक्तिकरण) से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति ने उन कानूनों की समीक्षा की, जिनमें मामूली प्रक्रियात्मक चूकों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
प्रवर समिति की बैठक में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित अधिनियमों पर समिति के समक्ष अपना पक्ष और सुझाव रखे। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कानूनों को अधिक सरल, व्यावसायिक अनुकूल और नागरिक हितैषी बनाया जाए, ताकि उद्योगों और आम नागरिकों को अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से राहत मिल सके।
प्रवर समिति के सदस्यों ने माना कि जन विश्वास विधेयक–2025 के माध्यम से देश में सुशासन, पारदर्शिता और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। समिति आगे भी विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर चरणबद्ध चर्चा करेगी।


