50 करोड़ तक मंत्री, 150 करोड़ तक वित्त मंत्री और उससे ऊपर मुख्यमंत्री देंगे मंजूरी
लखनऊ: प्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं (development projects) की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के निर्देश पर परियोजनाओं की लागत के आधार पर मंजूरी देने का अधिकार तय कर दिया गया है, जिससे विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
नए प्रावधानों के अनुसार—
50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को संबंधित विभागीय मंत्री स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे।
150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री द्वारा दी जाएगी।
150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं को मुख्यमंत्री की स्वीकृति आवश्यक होगी।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजनाएं समयबद्ध तरीके से तैयार करें। सीएम ने स्पष्ट किया है कि—15 अप्रैल तक सभी विभागों की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत हो जानी चाहिए, ताकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही विकास कार्यों को गति दी जा सके। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी होगी और जनता को समय पर विकास कार्यों का लाभ मिलेगा।


