पीलीभीत। वन विभाग की जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पीलीभीत टाइगर रिज़र्व (PTR) की बराही रेंज में वन विभाग की करीब 8000 बीघा जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस अवैध कब्जे की जानकारी लंबे समय से वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा रही है, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले में आरोप है कि वन विभाग की इस कीमती जमीन पर 16 भूमाफियाओं ने संगठित तरीके से कब्जा किया है। बताया जा रहा है कि कब्जे की गई जमीन का उपयोग खेती, प्लॉटिंग और अन्य निजी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जो वन कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जमीन खाली न कराने के बदले कुछ अधिकारियों द्वारा भूमाफियाओं से करीब 25 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। आरोप है कि इसी कारण कार्रवाई को लगातार टाला जा रहा है।
पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि पीटीआर जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में इस तरह का अवैध कब्जा वन्यजीवों, जैव विविधता और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। नियमों के अनुसार ऐसी जमीन पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मामले के सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए,
दोषी अधिकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए,
और वन विभाग की जमीन को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए।
फिलहाल वन विभाग या जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब देखना होगा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद शासन-प्रशासन कब और क्या कार्रवाई करता है।





