नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक सशक्त राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिया। राहुल गांधी ने कहा कि “बापू कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। अहंकारी सत्ता ने उस विचार को मिटाने की कोशिश की, लेकिन गांधी को समाप्त नहीं किया जा सकता।”
महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को हुई थी। वर्ष 2026 में उनकी शहादत को 78 वर्ष पूरे हो चुके हैं। गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलनों ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा और ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी।
राहुल गांधी ने कहा कि गांधी का रास्ता सत्य, अहिंसा और निर्भयता का रास्ता था। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि आज असहमति को दबाने और सवाल पूछने वालों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो गांधी के विचारों के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा,“गांधी हमें सिखाते हैं कि सत्ता का धर्म सेवा है, डर नहीं। जब विचारों से टकराने की ताकत खत्म हो जाती है, तब विचारों को कुचलने की कोशिश की जाती है।
राहुल गांधी के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि गांधी का विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना आज़ादी के समय था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि गांधी की पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। नेताओं ने कहा कि गांधी के विचारों को अपनाए बिना सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संभव नहीं है।
देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में प्रार्थना सभाएं, मौन धारण कार्यक्रम और विचार गोष्ठियां आयोजित की गईं। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों ने बापू के सत्य और अहिंसा के संदेश को याद किया।

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