शमशाबाद (फर्रुखाबाद): कायमगंज–फर्रुखाबाद मार्ग (Kaimganj–Farrukhabad route) पर स्थित कस्बा फ़ैज़ बाग चौराहा (Faizbag intersection) इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। सरकारी वाहनों और डग्गामार साधनों की अव्यवस्थित आवाजाही के चलते यहां दिनभर जाम जैसे हालात बने रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से पूरी तरह बेख़बर नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि आमजन को रोजमर्रा के कामों के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से फ़ैज़ बाग तिराहे पर आवागमन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती जा रही है। तिराहे पर परिवहन निगम की बसों और डग्गामार वाहनों का जमावड़ा लगना जाम का सबसे बड़ा कारण बन गया है। सुबह, दोपहर और शाम—लगभग हर समय चौराहे पर जाम के हालात देखे जा सकते हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक समय था जब ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग बड़ी सुगमता के साथ फ़ैज़ बाग पहुंचकर खरीदारी करते थे, लेकिन अब जाम की समस्या के चलते लोग यहां आने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक समय पर नहीं पहुंच पा रहे, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवहन निगम की बसें सवारियों के चक्कर में फ़ैज़ बाग चौराहे पर कतारबद्ध खड़ी हो जाती हैं। इसी कारण दिल्ली मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते पर अक्सर जाम लग जाता है। कई बार दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कभी-कभी गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय ले जाने वाली एंबुलेंस तक इस जाम में फंस जाती हैं।
इसके अलावा शमशाबाद–फ़ैज़ाबाद तिराहे पर ऑटो चालक सवारियों के इंतजार में सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की समस्या और अधिक विकराल हो जाती है। जाम को लेकर कई बार व्यापारियों और ऑटो चालकों के बीच विवाद भी हो चुका है। स्थिति संभालने के लिए कई बार पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बचते नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते यातायात व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर सख्ती नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं।


