16 C
Lucknow
Thursday, January 29, 2026

लोहिया चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में अवैध वसूली का खेल जारी, पैसे ना देने पर तीमारदार व स्टाफ नर्स में हुई मारपीट

Must read

सूचना पर पहुंची पुलिस ने कि मामले की पड़ताल, कई बार हो चुका विवाद

फर्रुखाबाद: डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय (Lohia Hospital) परिसर में बने एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में भर्ती बीमार नवजात बच्चों के तीमारदारों से अवैध वसूली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अस्पताल में निःशुल्क इलाज की सुविधा होने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बुधवार देर रात एसएनसीयू वार्ड में भर्ती एक बीमार बच्चे के परिजनों से इलाज के नाम पर पैसे मांगे गए। परिजनों ने जब स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, तो वहां मौजूद स्टाफ नर्स संजय ने तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। आरोप है कि बात बढ़ने पर नोकझोंक मारपीट में बदल गई, जिससे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शिवम ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

स्थानीय लोगों और तीमारदारों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी एसएनसीयू वार्ड में अवैध वसूली को लेकर कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कई बार विवाद भी हुआ, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं और गरीब मरीजों के परिजनों का शोषण लगातार जारी है।

सरकारी योजनाओं के तहत नवजात शिशुओं के इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड को विशेष सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल सके। लेकिन यदि इसी वार्ड में अवैध वसूली और अभद्रता की घटनाएं होंगी, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से विश्वास उठना स्वाभाविक है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच और अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। आमजन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तीमारदार को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article