फर्रुखाबाद| गुरुवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। जिले में सुबह होते ही घना कोहरा छा गया और दृश्यता घटकर करीब 100 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के लगातार चलने से सर्दी का प्रकोप और अधिक बढ़ गया। यह स्थिति मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक हुई बारिश के बाद बनी, जिसके चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और ठंड पहले की तुलना में ज्यादा महसूस की जा रही है।
गुरुवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे और दिन की शुरुआत ठंडी हवाओं के साथ हुई। कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इटावा-बरेली हाईवे और फर्रुखाबाद-कानपुर मार्ग पर सुबह के समय वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। खासकर सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों, स्कूल बसों और लंबी दूरी के यात्रियों को अधिक सतर्कता बरतनी पड़ी।
सर्दी के बढ़ते असर को देखते हुए लोग घरों से निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़ों में नजर आए। बाजारों और सड़कों पर मफलर, टोपी, जैकेट और स्वेटर पहने लोगों की संख्या बढ़ गई। सुबह के समय ठंड के कारण आम दिनों की तुलना में सड़कों पर चहल-पहल भी कम दिखाई दी। चाय की दुकानों पर लोग गर्म पेय का सहारा लेते नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी का स्तर 29 प्रतिशत रहा, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस हुआ। विभाग ने अगले एक से दो दिनों के भीतर हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। संभावित बारिश से जहां ठंड और बढ़ने की आशंका है, वहीं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की चिंता भी सामने आ रही है। मौसम के इस बदले मिजाज ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता बढ़ा दी है।





