शाहजहांपुर।
सरकारी कुर्सी पर बैठकर खुद को ‘कानून से ऊपर’ समझने की भूल एक डूडा कर्मी को भारी पड़ गई। डूडा (डिस्ट्रिक्ट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी) कार्यालय में आउटसोर्सिंग पर तैनात शुभम सक्सेना ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी रचाकर जो “सिस्टम से खेलने” की कोशिश की, उस पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई कर दी। नतीजा—नौकरी से बर्खास्तगी, ब्लैकलिस्ट और एफआईआर का आदेश।
पुवायां निवासी पल्लवी की शादी हरदोई निवासी शुभम सक्सेना से 17 फरवरी 2023 को हुई थी। शादी के बाद के करीब 11 महीने पल्लवी के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं रहे। पीड़िता का आरोप है कि ससुर की नीयत ठीक नहीं थी और पति ने संरक्षण देने के बजाय आंखें मूंद लीं।
मामला तब विस्फोटक हुआ जब दिसंबर 2025 में पल्लवी को पता चला कि बिना तलाक दिए शुभम ने दूसरी शादी कर ली है। यह न सिर्फ सामाजिक अपराध था, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी।
पीड़िता 30 दिसंबर को अपने पिता के साथ महिला थाने पहुंची, लेकिन आरोप है कि वहां टालमटोल की गई। जब खाकी से न्याय नहीं मिला, तो पल्लवी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। पोस्ट वायरल हुई और बात सीधे जिलाधिकारी शाहजहांपुर तक पहुंच गई।
बुधवार को डीएम ने पल्लवी को कलेक्ट्रेट बुलाकर पूरा मामला सुना और मौके पर ही फैसला सुना दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि महिला उत्पीड़न और कानून से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद—
शुभम सक्सेना को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त किया गया
भविष्य में किसी भी विभाग में तैनाती रोकने के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया।संबंधित थाने को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।
प्रशासनिक गलियारों में यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश मानी जा रही है कि सरकारी या अर्ध-सरकारी पद पर बैठे लोग निजी जीवन में कानून तोड़ेंगे तो कार्रवाई और भी सख्त होगी।
कुल मिलाकर, “दूसरी शादी” का शौक शुभम बाबू को नौकरी, साख और आज़ादी—तीनों पर भारी पड़ गया।
दूल्हा बने बाबूजी की निकल गई हेकड़ी: डीएम ने डूडा कर्मी को नौकरी से निकाला, एफआईआर का भी दिया ‘गिफ्ट’


