पुलिस व डायल 112 के समझाने पर धरना स्थगित, जांच का आश्वासन
जलालाबाद, शाहजहांपुर: विकास खंड जलालाबाद (Jalalabad development block) क्षेत्र में सड़क निर्माण से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई के बदले रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन महिला प्रकोष्ठ (Bharatiya Kisan Union Women’s Cell) की जिलाध्यक्ष मालती कश्यप ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया।
पीड़िता के अनुसार, वह अपने गांव में खंडहर हो चुकी सड़क के निर्माण की शिकायत लेकर जलालाबाद विकास खंड स्थित खंड विकास अधिकारी के पास पहुंची थीं। आरोप है कि ब्लॉक परिसर में मौजूद खंड विकास अधिकारी, एडीओ कोऑपरेटिव तथा ग्राम पंचायत अधिकारी रेनू यादव की उपस्थिति में उनसे शिकायत पर कार्रवाई कराने के बदले लगभग 20 लाख रुपये की अवैध मांग की गई।
विरोध पर धक्का-मुक्की का आरोप
मालती कश्यप का कहना है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया और विरोध जताया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। इससे आक्रोशित होकर उन्होंने खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और बीडीओ, एडीओ तथा ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
धरने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण, किसान संगठन के पदाधिकारी और समर्थक मौके पर पहुंच गए। सभी ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस की जलालाबाद पुलिस तथा डायल 112 पीआरबी मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा समझाने और जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद महिला किसान नेता ने अपना धरना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया।
अधिकारियों का पक्ष
वहीं खंड विकास अधिकारी, जलालाबाद ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यदि पीड़िता को कोई समस्या है तो वह लिखित शिकायत दें, जिसकी जांच कराकर नियमानुसार समाधान किया जाएगा। उनके अनुसार, रुपये मांगने का आरोप तथ्यहीन है। फिलहाल मामले की जांच की मांग के साथ प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी है।


