वाराणसी: उत्तरी रेलवे के वाणिज्य विभाग के सतर्क कर्मचारियों ने वाराणसी जंक्शन (Varanasi Junction) पर पांच नाबालिग बच्चों (minor children) को सुरक्षित बचा लिया। तीन लड़के और दो लड़कियां, नई दिल्ली से आ रही ट्रेन संख्या 12562, नई दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा कर रहे थे।
उनके परिवार वालों से बातचीत और उसके बाद फोन पर हुई चर्चा से पता चला कि नाबालिग बच्चे अपने अभिभावकों को बिना बताए घर से भाग गए थे।असामान्य स्थिति को देखते हुए, ड्यूटी पर तैनात वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों प्रिंस कुमार सिंह (सीसीटीसी), मोहित कुमार सिन्हा (सीसीटीसी), गुलशन कुमार श्रीवास्तव (सीसीटीसी) और सुशील कुमार भगत (सीसीटीसी) ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सूचित किया।
पूछताछ में बच्चों की पहचान बिहार के अररिया जिले के फरियाद (12 वर्ष), मो. नवाजिश (13 वर्ष), रहमत (14 वर्ष), अंजार (14 वर्ष), हसनैन (15 वर्ष) और राहुल भुइयां (17 वर्ष) के रूप में हुई। सभी अररिया, बिहार के निवासी हैं। बच्चों को ले जा रहे आरोपी की पहचान अररिया निवासी माजिद (40 वर्ष) के रूप में हुई।
आरोपी ने बताया कि वह बच्चों को नई दिल्ली के स्मानपुर स्थित एक बिंदी बनाने वाली कंपनी में काम कराने के लिए ले जा रहा था। वाराणसी जंक्शन पर तैनात आरपीएफ ने सभी पांच नाबालिग बच्चों को उनकी सुरक्षा, देखभाल और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिया।


