समाचार। यूथ इंडिया
जौनपुर। विमान हादसे ने एक बार फिर कई घरों के चिराग बुझा दिए। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी मौत हो गई। जैसे ही हादसे की सूचना उनके परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के मुताबिक, पिंकी माली जौनपुर जिले की केराकत तहसील की रहने वाली थीं। वह पिछले 5-6 वर्षों से फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में कार्यरत थीं और अपने परिवार की मुख्य कमाने वाली सदस्य थीं। परिजनों ने बताया कि पिंकी मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव की थीं, जिनके सहारे परिवार की आर्थिक स्थिति संभल रही थी।
हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का घर पर तांता लग गया। हर आंख नम है और हर जुबान पर बस यही सवाल है कि इतनी होनहार बेटी को यह कैसा अंत मिला। पिंकी की असमय मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा उनमें जुनून था, फडणवीस बोले, दमदार, दिलदार दोस्त छोडक़र चला गया
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और जननेता अजित पवार के असामयिक निधन से देशभर में शोक की लहर है। विमान दुर्घटना में उनके निधन को महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। राज्य सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज महाराष्ट्र ने एक ऐसा जननेता खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अजित पवार जमीन से जुड़े हुए नेता थे, जिन्हें राज्य के कोने-कोने की गहरी जानकारी थी।






