उत्तर कोरिया (North Korea) एक बार फिर मिसाइल परीक्षण को लेकर सुर्खियों में है। लगातार हथियार परीक्षण करने वाला उत्तर कोरिया अब ऐसा कदम उठा चुका है, जिससे अमेरिका के सहयोगी दक्षिण कोरिया में गंभीर चिंता पैदा हो गई है। दक्षिण कोरियाई सेना ने बताया कि मंगलवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र की दिशा में एक अज्ञात मिसाइल दागी है, जिसे संभावित रूप से घातक हथियार का परीक्षण माना जा रहा है।
दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है, जब उत्तर कोरिया एक अहम राजनीतिक बैठक से पहले अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रहा है। इस कदम को प्योंगयांग की ओर से शक्ति प्रदर्शन और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने जानकारी दी कि कम से कम एक प्रक्षेपास्त्र उत्तर कोरिया के पूर्वी तट के पास समुद्र की ओर दागा गया। हालांकि मिसाइल की सटीक प्रकृति और दूरी को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं।
इस बीच जापान के तटरक्षक बल ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि उन्हें बैलिस्टिक मिसाइल होने का संदेह है और यह वस्तु समुद्र में गिर चुकी है। जापान ने अपने समुद्री क्षेत्र में किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालात पर कड़ी नजर बनाए रखने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि यह साल 2026 में उत्तर कोरिया का दूसरा बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण है। इससे पहले जनवरी की शुरुआत में किए गए परीक्षण के बाद प्योंगयांग ने दावा किया था कि उसने एक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जो बेहद तेज गति से लक्ष्य को भेदने में सक्षम होती है।
यह ताजा घटना उस विवाद के बाद सामने आई है, जिसमें उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर ड्रोन के जरिए उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। हालांकि, सियोल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं ये मानवरहित वाहन किसी नागरिक समूह द्वारा तो नहीं भेजे गए थे।
मिसाइल प्रक्षेपण का समय भी रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। यह घटना अमेरिका के रक्षा नीति के अवर सचिव एलब्रिज कोल्बी के सियोल दौरे के दौरान हुई है। इस दौरे के दौरान कोल्बी ने दक्षिण कोरिया की सराहना करते हुए उसे एक आदर्श सहयोगी बताया, जो अपनी रक्षा में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
कोल्बी की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी होने के बाद हुई है, जिसमें दक्षिण कोरिया से उत्तर कोरिया को रोकने में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया इस रणनीति के जवाब में ही लगातार मिसाइल परीक्षण कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हालिया तनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले सामान पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी आई थी।
ट्रंप ने इस संभावित टैरिफ वृद्धि का कारण यह बताया था कि दक्षिण कोरियाई विधायिका पिछले साल हुए व्यापार समझौते को कानून का रूप देने में विफल रही है। ऐसे माहौल में उत्तर कोरिया का यह मिसाइल परीक्षण न केवल कोरियाई प्रायद्वीप बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा करता नजर आ रहा है।


