लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा (BJP) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर सत्तारूढ़ दल खुद को संविधान से ऊपर समझकर गलती कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि जनता अब पूछ रही है कि संविधान के किस अनुच्छेद के तहत यह कार्रवाई की गई, जबकि उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए गए थे।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विभिन्न मंचों से लगातार ‘सनातन संतों’ का अपमान कर रहे हैं और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करके समाज में द्वेष फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि माघ मेले जैसे पवित्र आयोजन में भी ‘बुलडोजर मानसिकता’ के समर्थन में नारे लगाकर धार्मिक सद्भाव को भंग करने का प्रयास किया गया, जबकि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता के भूखे भाजपा का धर्मविरोधी चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है। जो नुकसान होना था, वह हो चुका है और अब दबाव में दी गई माफी का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माफी तभी मायने रखती है जब वह दिल से दी जाए।
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि सत्ता में बैठे लोगों की हठधर्मिता हमेशा विनाश की ओर ले जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा, बयान और कार्य लगातार असंवैधानिक रहे हैं, जिसके कारण जनता में उसकी विश्वसनीयता कम हो रही है।


