कंपिल (फर्रुखाबाद)। प्राचीन तीर्थ नगरी कम्पिल के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। कम्पिल के प्राचीन श्वेताम्बर जैन मंदिर को राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित आर्ट गैलरी एवं प्रेरणा स्थल में स्थान दिया गया है। सोमवार को जब कम्पिल के प्रतिनिधि लखनऊ पहुंचे और वहां प्रदर्शित झलक को देखा, तो यह क्षण न केवल प्रतिनिधियों बल्कि सम्पूर्ण तीर्थ नगरी के लिए भावनाओं और गर्व से भरा हुआ रहा।
श्वेताम्बर जैन मंदिर को इस प्रतिष्ठित स्थल में स्थान मिलने से कम्पिल की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राज्य स्तर पर सम्मान मिला है। यह उपलब्धि नगर की उस गौरवशाली विरासत को उजागर करती है, जो वर्षों से जैन धर्म, संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र रही है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे कम्पिल चेयरमैन प्रतिनिधि उदयपाल सिंह यादव एवं प्रमुख समाजसेवी पुखराज डागा के सतत और समर्पित प्रयास रहे हैं। दोनों ने पूर्व में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह से भेंट कर कम्पिल के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन जैन तीर्थ परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की विस्तृत जानकारी दी थी। पर्यटन मंत्री ने पूरे विषय को गंभीरता से सुनते हुए कम्पिल के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को स्वीकार किया।
इसके पश्चात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस प्राचीन तीर्थ नगरी के महत्व को मान्यता देते हुए उसे सम्मान प्रदान किया। मुख्यमंत्री की इस पहल से न केवल कम्पिल की पहचान और सुदृढ़ हुई है, बल्कि भविष्य में पर्यटन की दृष्टि से भी नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं।
चेयरमैन प्रतिनिधि उदयपाल सिंह यादव ने इसे समस्त कम्पिलवासियों के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कम्पिल की सांस्कृतिक पहचान को न केवल प्रदेश बल्कि वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से भविष्य में भी कम्पिल के प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, कायाकल्प तथा पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक निर्देश और आश्वासन दिए गए हैं। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here