कानून वापस होने तक वोट न देने का ऐलान, सलावा गांव में पंचायत के बाद प्रदर्शन
मेरठ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े कानून के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विरोध तेज हो गया है। मेरठ जिले में राजपूत समाज ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। समाज ने स्पष्ट ऐलान किया है कि जब तक UGC एक्ट वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे किसी भी चुनाव में वोट नहीं देंगे।
यह विरोध सलावा गांव में आयोजित एक बड़ी पंचायत के बाद सामने आया। पंचायत में बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग शामिल हुए, जहां UGC एक्ट को समाज और शिक्षा विरोधी बताते हुए सरकार के फैसले की आलोचना की गई। पंचायत के बाद लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह विरोध केवल एक गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। ठाकुर चौबीसी क्षेत्र के करीब 40 गांवों के राजपूत इस आंदोलन में शामिल हैं। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राजपूत समाज के वक्ताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल शिक्षा नीति का नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि बिना व्यापक चर्चा और समाज की सहमति के इस तरह के कानून थोपना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजपूत समाज के इस एलान के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। वोट न देने की चेतावनी को आगामी चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यूजीसी एक्ट को लेकर मेरठ में शुरू हुआ यह विरोध अब सामाजिक और राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है, और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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