बच्चों में सर्दी-खांसी, जुकाम व निमोनिया के लक्षण मिले
अमृतपुर (फर्रुखाबाद): बाढ़ प्रभावित क्षेत्र एवं बदलते मौसम के चलते अमृतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Amritpur Community Health Centre) पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले (Chief Minister Public Health Fair) के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। केंद्र प्रभारी डॉ. गौरव वर्मा ने बताया कि मेले में कुल 161 मरीजों की जांच कर दवाइयां वितरित की गईं। एलोपैथी विभाग में सभी 161 मरीजों का उपचार किया गया। इस दौरान मलेरिया के 13, टाइफाइड के 9, शुगर के 17, बलगम के 5, हीमोग्लोबिन के 3, हेपेटाइटिस के 4 तथा डेंगू के 3 मरीजों की जांच की गई।
डॉ. वर्मा ने बताया कि जांच का उद्देश्य मरीजों की बीमारी की सही पहचान कर समय पर उचित उपचार देना है, जिससे वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। अमृतपुर स्वास्थ्य केंद्र पर दौलतियापुर, परतापुर, हरसिंहपुर, लीलापुर, फखरपुर, बनारसीपुर, कलेक्टरगंज, तौफीक नगला, हूषा, खजुरिया, राजपुर सहित दर्जनों गांवों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ इंजेक्शन व सीरप भी उपलब्ध कराए गए। बच्चों के लिए विशेष रूप से सिरप की व्यवस्था की गई। वर्तमान में क्षेत्र में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, सिर दर्द, खुजली, बुखार, पेट दर्द एवं पैरों में संक्रमण के मरीज अधिक आ रहे हैं। डॉक्टरों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निवासियों को सलाह दी कि मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, दूषित पानी न पिएं तथा पानी को उबालकर ही उपयोग करें। साथ ही गंदगी और रुके हुए पानी से दूरी बनाए रखें, जिससे संक्रमण की संभावना कम हो।
उन्होंने बताया कि गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला मुख्यालय रेफर किया जाता है, जिसके लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। ठंड, नमी और कोहरे के कारण बच्चों में निमोनिया, उल्टी-दस्त, बुखार व खांसी के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने और ठंड से बचाव की विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी के आदेशानुसार सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं, जिससे दवाओं की कोई कमी नहीं है। इस अवसर पर अरविंद कुमार, पवन कुमार, राकेश कुमार, मीना कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।


