नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम को देश को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 130वां एपिसोड रहा। प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, स्टार्टअप इंडिया, श्रीअन्न (मिलेट्स), स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों और जन-भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास, सामूहिक भागीदारी और गुणवत्ता पर जोर ही भारत को आगे ले जाने की सबसे बड़ी शक्ति है।
प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न यानी मिलेट्स को लेकर देश और दुनिया में बढ़ते उत्साह पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किए जाने के बाद भी इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले की ‘पेरीयपालायम श्रीअन्न’ एफपीसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि करीब 800 महिला किसान मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट चलाकर अपने उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचा रही हैं। वहीं राजस्थान के रामसर में 900 से अधिक किसान बाजरे की खेती कर बाजरे के लड्डू जैसे उत्पाद बना रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीअन्न से किसानों की आय बढ़ी है और लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है।
स्वच्छता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के युवाओं का जिक्र किया, जिन्होंने अब तक 11 लाख किलो से अधिक कचरे की सफाई की है। असम के नागांव, कर्नाटक के बेंगलुरु और तमिलनाडु के चेन्नई में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति, एक इलाका और एक कदम—इन्हीं से बड़ा बदलाव आता है।
पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के कूच बिहार निवासी बेनॉय दास का उल्लेख किया, जिन्होंने हजारों पेड़ लगाए हैं। साथ ही मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार की प्रशंसा की, जिन्होंने जंगलों में औषधीय पौधों की पहचान कर उन्हें रिकॉर्ड किया, जिस पर वन विभाग ने एक पुस्तक भी प्रकाशित की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत देश में अब तक 200 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने गुजरात के चंदनकी गांव की सामुदायिक रसोई की परंपरा और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के शेखगुंड गांव में नशे के खिलाफ किए गए सामूहिक प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही ‘भजन क्लबिंग’ को भारतीय संस्कृति का आधुनिक स्वरूप बताया।
स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। एआई, स्पेस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि ‘चलता है’ वाली सोच छोड़कर उत्पादों की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना जीवन का अहम पड़ाव है और इसे उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक मतदाता सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रधानमंत्री ने अंत में बताया कि अगले महीने होने वाली इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में दुनियाभर के तकनीकी विशेषज्ञ भारत आएंगे, जो एआई के क्षेत्र में भारत की प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

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