नोएडा। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के दावों के बीच अब यह प्रकरण और गंभीर होता जा रहा है। जहां एक ओर जांच समिति, रिपोर्ट और जिम्मेदारी तय करने की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर मृतक के पिता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को वास्तविक सजा नहीं मिली, तो वह इस लड़ाई को और तेज करेंगे।
घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है और लापरवाही के बिंदुओं की जांच की जा रही है। कुछ स्तरों पर कार्रवाई की चर्चाएं भी सामने आई हैं, लेकिन परिजनों का कहना है कि अब तक जो कदम उठाए गए हैं, वे नाकाफी और दिखावटी हैं।
युवराज के पिता का कहना है कि अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी की स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं हुई है, जबकि पूरा सिस्टम इस मौत के लिए जिम्मेदार है।
“दो घंटे तक तड़पता रहा बेटा” — पिता का दोहराया आरोप
फॉलो-अप प्रेस वार्ता में युवराज के पिता ने फिर दोहराया कि उनका बेटा करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन इस दौरान—
न समय से राहत पहुंची
न बचाव कार्य में गंभीरता दिखाई गई,न ही आपातकालीन व्यवस्था ने अपनी जिम्मेदारी निभाई
उन्होंने कहा,“अगर समय पर एक भी विभाग ईमानदारी से काम कर लेता, तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।”
परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल मुआवजे से संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी मुख्य मांग है—
जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो,
लापरवाह विभागों की सार्वजनिक जवाबदेही,
भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस सुधार हों।
पिता का कहना है कि मुआवजा किसी बेटे की जान की कीमत नहीं हो सकता।
युवराज मेहता की मौत अब केवल एक हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर आम जनचर्चा तक, लोग सवाल उठा रहे हैं कि—जब एक पढ़ा-लिखा युवा दो घंटे तक मदद के लिए जूझता रहा, तो सिस्टम कहां था?
क्या कार्रवाई केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगी?
युवराज के पिता ने कहा कि वह हर स्तर पर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे—चाहे इसके लिए अदालत का रास्ता क्यों न अपनाना पड़े। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सिस्टम को जवाबदेह बनाने की है।
युवराज मेहता मौत मामला: कार्रवाई के दावों के बीच पिता की चेतावनी—“न्याय नहीं मिला तो लड़ाई और तेज होगी”


