वॉशिंगटन: अमेरिका (America) में गर्भपात को लेकर चल रही बहस के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिका के प्रसिद्ध ‘मार्च फॉर लाइफ’ कार्यक्रम के अवसर पर देशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि “हर बच्चा ईश्वर का उपहार है और गर्भपात कराना नैतिक रूप से सही नहीं है।”
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि जीवन की शुरुआत गर्भ से होती है और हर अजन्मा शिशु जीने का अधिकार रखता है। उन्होंने इसे केवल कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक और मानवीय मुद्दा बताया। ट्रंप ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे कमजोर जीवन की रक्षा कैसे करता है।
अपने संदेश में ट्रंप ने परिवार, आस्था और जीवन मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका को ऐसे कानूनों और नीतियों की आवश्यकता है, जो जीवन की रक्षा करें, न कि उसे समाप्त करें। उन्होंने ‘मार्च फॉर लाइफ’ से जुड़े लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन के पक्ष में खड़ा होने का संकल्प है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका में गर्भपात को लेकर राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण तेज है। एक ओर महिला अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करने वाले संगठन हैं, तो दूसरी ओर धार्मिक और रूढ़िवादी समूह गर्भपात को ईश्वर और मानवता के विरुद्ध बताते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह संदेश उनके परंपरागत समर्थक वर्ग—ईसाई और रूढ़िवादी मतदाताओं—को साधने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। ‘मार्च फॉर लाइफ’ लंबे समय से अमेरिका में गर्भपात विरोधी आंदोलन का सबसे बड़ा मंच रहा है।
ट्रंप ने अंत में कहा कि “जब हम जीवन की रक्षा करते हैं, तब हम अमेरिका के भविष्य की रक्षा करते हैं।” उनके इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर गर्भपात पर बहस तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी विमर्श का बड़ा केंद्र बन सकता है।


