फर्रुखाबाद: फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के भूसा मंडी मोहल्ले में युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या (suicide) किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर फतेहगढ़ पुलिस (Fatehgarh Police) ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में बेवर रोड भोलेपुर मस्जिद वाली गली निवासी आमना पत्नी स्वर्गीय आसिफ अली ने कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि उसका विवाह 2 अगस्त 2021 को आसिफ उर्फ चांद मियां के साथ हुआ था। दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। आमना का आरोप है कि पति की आय कम होने के कारण पूरा परिवार सास-ससुर पर निर्भर था, जिसको लेकर ससुराल पक्ष आए दिन आसिफ को अपमानित करता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहता था।
याचिका में कहा गया है कि करीब एक सप्ताह पहले ससुराल पक्ष ने झगड़ा कर आमना, उसके पति और बच्चों को घर से निकाल दिया था। इतना ही नहीं, मृतक का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था, जिससे वह बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं कर पा रहा था। आरोप है कि 13 अक्टूबर 2025 को आमना अपने बच्चों के साथ पति का हालचाल लेने ससुराल पहुंची, जहां सास-ससुर ने आसिफ अली को सबके सामने बुरी तरह अपमानित किया और आत्महत्या के लिए उकसाने वाले शब्द कहे।
पत्नी का आरोप है कि ससुराल पक्ष की इसी प्रताड़ना और अपमान से आहत होकर उसी दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे आसिफ अली ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। मामले को गंभीर मानते हुए न्यायालय ने फतेहगढ़ पुलिस को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
फतेहगढ़ पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक दबाव के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है।


