भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार (Odisha Government) ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए तंबाकू (tobacco) या निकोटीन युक्त सभी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 3 जनवरी, 2013 को तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी थी।
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने 2016 में पाया कि निर्माता पान मसाला (बिना तंबाकू वाला) को सुगंधित चबाने वाले तंबाकू के साथ अलग-अलग लेकिन अक्सर जुड़े हुए पैकेटों में बेच रहे हैं, ताकि उपभोक्ता दोनों को मिलाकर खा सकें। इसके बाद, सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे तंबाकू और/या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण और बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को एक नई अधिसूचना जारी कर तंबाकू या निकोटीन युक्त सभी उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है, चाहे वे एक ही उत्पाद में बेचे जाएं या अलग-अलग उत्पादों के रूप में।
आदेश में कहा गया है, “यह प्रतिबंध सभी खाद्य उत्पादों पर लागू होता है, चाहे वे चबाने योग्य हों या नहीं, जो स्वादयुक्त हों, सुगंधित हों या किसी भी प्रकार के योजक से मिश्रित हों।” अब, गुटखा, पान मसाला, स्वादयुक्त या सुगंधित खाद्य उत्पाद या किसी भी नाम से जाने जाने वाले चबाने योग्य खाद्य उत्पाद, सभी खाद्य उत्पाद राज्य में पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तहत कैंसर अनुसंधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी का हवाला देते हुए अधिसूचना में कहा गया है कि जर्दा, खैनी, गुटखा और प्रसंस्कृत, सुगंधित या स्वादयुक्त तंबाकू जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पादों को कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि जिला औषधि निरीक्षक प्रतिबंध आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन अभियान चलाएंगे।


