– रात्रि 7:30 बजे कराया गया अंतिम संस्कार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
– हिन्दू रीति-रिवाज के उलट जबरिया अंत्येष्टि कराने का आरोप
फर्रुखाबाद/अमृतपुर: थाना क्षेत्र के ग्राम मंझा निवासी विजय पुत्र काशीराम (उम्र लगभग 35 वर्ष) की डंपर (dumper) की चपेट में आकर हुई दर्दनाक (accident) मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। इसी बीच पुलिस की मौजूदगी में रात्रि लगभग 7:30 बजे मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार कराए जाने को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हादसे में मौके पर ही हुई थी मौत
बताया गया कि विजय बीती रात घर के पास स्थित दुकान से सामान लेने जा रहे थे। तभी अचानक तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी संजय सिंह, तहसीलदार शशांक सिंह, खनन अधिकारी संजय प्रताप सिंह तथा क्षेत्राधिकारी संजय वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। परिजनों का आरोप है कि वे अभी सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि पुलिस दबाव में देर शाम अंतिम संस्कार करा दिया गया। रात्रि करीब 7:30 बजे पुलिस की मौजूदगी में मुखाग्नि दी गई। इस दौरान मृतक के पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते नजर आए, लेकिन उनकी भावनाओं को नजरअंदाज किया गया।
अंतिम संस्कार स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। ग्राम प्रधान सहित अन्य लोग अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में जुटे रहे, लेकिन परिजनों का कहना है कि उनकी मानसिक स्थिति और पारिवारिक सहमति को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। उनका कहना है कि घटना से जुड़े कई पहलुओं पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक चुप्पी पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक जिस समाज से आता है, उसी समाज से भारतीय जनता पार्टी के एक सांसद भी हैं, लेकिन घटना के बाद से अब तक उनके स्तर से कोई सहायता, संवेदना या पहल सामने नहीं आई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। घटना के बाद से मृतक का परिवार गहरे सदमे और मानसिक तनाव में है। पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग पिता की हालत बेहद दयनीय बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।


