राष्ट्र–संस्कृति–समरसता का संदेश, सैकड़ों स्वयंसेवकों की सहभागिता
फर्रुखाबाद/अमृतपुर: जनपद फर्रुखाबाद के कस्बा अमृतपुर (Amritpur) स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा (ancient Thakurdwara) परिसर में बुधवार को भव्य एवं विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू एकता, सामाजिक समरसता, संस्कृति संरक्षण और युवा जागरण को सशक्त करना रहा।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता मुनीश (सह प्रांत प्रचारक, कानपुर) ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की रक्षा के लिए समाज का संगठित और जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से धर्म, राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझकर निष्ठा से निभाने का आह्वान किया। युवाओं से उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
कार्यक्रम में पूज्य रामानंद सरस्वती अवधूत जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही जिला प्रचारक मानवेंद्र जी विशेष रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई, जिनमें प्रमुख रूप से प्रिंस चौहान, आर्यन अवस्थी, सुमित अवस्थी, श्याममोहन मिश्रा, रोहित तिवारी (जिला कार्यवाह) तथा सोनम दीदी (खंड प्रमुख) शामिल रहीं।
वक्ताओं ने अपने विचारों में सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और युवाओं के सकारात्मक मार्गदर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा गया कि समाज की मजबूती से ही राष्ट्र सशक्त होता है और सनातन संस्कृति सुरक्षित रहती है। कार्यक्रम का मंच संचालन महेशचंद्र अवस्थी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर सोनम दीदी का स्वागत रोहित तिवारी एवं प्रिंस चौहान द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया, जिससे आयोजन का वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। पूरे परिसर में अनुशासन, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा।
राष्ट्रहित में सामूहिक संकल्प
सम्मेलन के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित में संगठित होकर कार्य करने, समाज में सकारात्मक चेतना फैलाने और संस्कृति संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया।
डिस्क्लेमर: यह समाचार प्रायोजित (Sponsored) है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित आयोजन/संस्था के हैं।


