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Friday, January 23, 2026

ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक

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 ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगाने पर जोर, बढ़ती दुर्घटनाओं पर जताई चिंता

फर्रुखाबाद। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनपद में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में दिनांक 05 जनवरी 2026 को आयोजित हुई, जिसमें एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों को सड़क सुरक्षा के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।

बैठक में 23 ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया। शासन के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा माह 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर पंचायती राज विभाग को ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि गांव स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस जागरूकता अभियान चलाया जा सके।

बैठक में बताया गया कि प्रत्येक ग्राम में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के अंतर्गत ग्राम प्रधान को उस गांव का सड़क सुरक्षा अग्रदूत घोषित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि गांव स्तर पर ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदारी तय हो और ग्राम प्रधान स्वयं ग्रामीणों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।

एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने यातायात पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर बताया कि—

दिसंबर 2025 तक जनपद फर्रुखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 284 लोगों की मृत्यु हुई।

जबकि दिसंबर 2024 तक 390 दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 213 लोगों की मृत्यु हुई थी।

इस प्रकार वर्ष 2025 में—

दुर्घटनाओं की संख्या में 25.64% की वृद्धि हुईं।

मृतकों की संख्या में 33.33% की वृद्धि दर्ज की गई है।

इन आंकड़ों को बेहद गंभीर बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि यदि गांव स्तर पर जागरूकता नहीं बढ़ी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

यातायात कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार—

वर्ष 2025 में (दिसंबर तक) हिट एंड रन के 109 मामले सामने आए,

जिनमें 89 मौतें और 81 लोग घायल हुए।

वर्ष 2024 में 66 हिट एंड रन दुर्घटनाएं हुई थीं,

जिनमें 43 मौतें और 28 घायल थे।

इससे साफ है कि हिट एंड रन की घटनाओं में भी भारी इजाफा हुआ है।

एआरटीओ ने बताया कि—

पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 42,481 चालान किए गए

187 वाहन बंद किए गए

जिनसे ₹18.92 लाख प्रशमन शुल्क वसूला गया

वहीं परिवहन विभाग द्वारा—

4,155 चालान

1,018 वाहन बंद हुए।

और ₹219.33 लाख प्रशमन शुल्क वसूला गया।

इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के तहत वर्ष 2025 में जनपद में 265 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए।

‘नो हेल्मेट, नो पेट्रोल’ अभियान

जनपद फर्रुखाबाद में दिनांक 19.12.2025 से 17.01.2026 तक“नो हेल्मेट, नो पेट्रोल” अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांव में लोगों को इसके बारे में जागरूक करें।

ग्रामीणों को दिए गए अहम निर्देश

बैठक में ग्राम प्रधानों से कहा गया कि वे अपने गांवों में बैठक कर ग्रामीणों को निम्न बातों के लिए प्रेरित करें किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें,

वाहन के सभी प्रपत्र पूर्ण रखें

नशे की हालत में वाहन न चलाएं

वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें,

तेज गति से वाहन न चलाएं,

यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

अधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि चालक अपने वाहन में परिवार की फोटो लगाकर रखें, तो उन्हें यह हमेशा याद रहेगा कि उन्हें सकुशल घर लौटना है, जिससे वे अधिक जिम्मेदारी से वाहन चलाएंगे।

बैठक में विशेष रूप से कहा गया कि गांवों में चलने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप और रिफ्लेक्टर अवश्य लगवाए जाएं, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्राली से होने वाली दुर्घटनाएं अधिक होने के कारण यह कदम बेहद जरूरी बताया गया।

राह-वीर योजना की जानकारी

एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा यह योजना 21 अप्रैल 2025 से शुरू की गई है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।

इस योजना के तहत—यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को एक घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर अस्पताल पहुंचाता है

और घायल की जान बच जाती है

तो उसे ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाएगा।

इस योजना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में भर्ती, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी की चोट तथा इलाज के दौरान मौत जैसे मामले शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में बड़ी कमी लाई जा सकती है।

बैठक में हिट एंड रन मोटर दुर्घटना मुआवजा योजना-2022 की भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत—

अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मृत्यु पर ₹2 लाख गंभीर रूप से घायल होने पर ₹50 हजार मुआवजा का प्रावधान है।

मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित उप जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन किया जा सकता है, जिसमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या इलाज के प्रमाण सहित आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।

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