भोपाल: मध्य प्रदेश की एक अदालत ने एक महिला (Woman) को बिना तलाक लिए पांच बार शादी करने के आरोप में दो साल के कठोर कारावास (imprisonment) और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मेघा अग्रवाल ने मंगलवार को शाहजहानाबाद पुलिस स्टेशन के एक मामले में यह आदेश पारित किया, जहां पीड़ित पति की शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ताने बताया कि हसीना नाम की महिला ने उससे छुपकर शादी की थी, क्योंकि वह पहले ही चार बार शादी कर चुकी थी और उसने इस बात को छिपाया था। अदालती कार्यवाही के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि वह गरीब और अकेले पुरुषों को निशाना बनाती थी। फिर वह अपने पति को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करके उसकी संपत्ति हड़पने का प्रयास करती थी।
कठोरशब्दों में दिए गए फैसले में, अदालत ने इसे “सुनियोजित अपराध” करार दिया और पाया कि उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों से यह भी पता चला है कि ‘लुटेरी दुल्हन’ (लुटेरी दुल्हन) इस धोखाधड़ी में अकेली नहीं थी, बल्कि उसकी बेटियां और दामाद भी इस गिरोह का हिस्सा थे।
बिना तलाक लिए चार बार शादी करना कानून का घोर उल्लंघन है। अदालत में यह साबित हो गया कि हसीना ने अपने पहले पति को तलाक नहीं दिया और चार बार और शादी की। भारतीय कानून के तहत यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत ने इसे न केवल वैवाहिक धोखाधड़ी बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक कृत्य भी माना, अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 82बी और धारा 495 के तहत दुल्हन होने का दोषी ठहराया और कहा कि बिना तलाक लिए बार-बार शादी करना “अवैध” है और समाज में विश्वास तोड़ता है।


