लखनऊ। भिक्षावृत्ति का रास्ता छोड़कर शिक्षा और स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर जीवन की मिसाल बने लखनऊ के चार नागरिकों को इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में ‘विशेष अतिथि’ के रूप में आमंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन के प्रयासों से जीवन की दिशा बदलने वाले इन लोगों को राजधानी ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
जिलाधिकारी विशाख जी. ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ‘स्माइल’ योजना के तहत भिक्षावृत्ति में शामिल व्यक्तियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। लखनऊ जिले में अब तक 591 लोगों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर पुनर्वासित किया जा चुका है। इनमें बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया है, जबकि वयस्कों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इस अभियान में नगर निगम, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग और ‘उम्मीद’ संस्था का विशेष सहयोग रहा है।
इसी कड़ी में संभल जिला प्रशासन और एनजीओ के संयुक्त प्रयासों से भिक्षावृत्ति छोड़ चुके 30 बच्चे 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उम्मीद संस्था की प्रमुख रैना शर्मा ने बताया कि इन बच्चों के आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी बनवा दिए गए हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से देशभर से ऐसे 100 नागरिकों का चयन किया गया है, जिन्होंने भिक्षावृत्ति छोड़कर आत्मनिर्भर जीवन अपनाया है। इनमें से चार लखनऊ के निवासी हैं। इन सभी को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मानित किया।
गणतंत्र दिवस परेड में आमंत्रित किए गए लखनऊ के विशेष अतिथि इस प्रकार हैं—चिनहट निवासी 11 वर्षीय माही, जो अब क्राइस्ट चर्च कॉलेज में कक्षा चार की छात्रा है; 17 वर्षीय प्रीति, जो ब्यूटीशियन के रूप में काम कर रही हैं; 30 वर्षीय लक्की कुमार, जो अब ड्राइवरी कर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं; और 45 वर्षीय रानी, जिन्होंने राशन की दुकान के माध्यम से अपना छोटा स्टार्टअप शुरू किया है। जिला प्रशासन का मानना है कि इनकी सफलता अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी और भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को नई मजबूती देगी।





