लखनऊ: विधान सभा परिसर, लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (All India Presiding Officers Conference) का मंगलवार को भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सहभागिता की। यह सम्मेलन संसदीय कार्य प्रणाली, विधायी मर्यादाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने को लेकर किए गए गहन राष्ट्रीय मंथन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देशभर से आए विधानसभा और विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारियों ने सम्मेलन के दौरान अपने अनुभव साझा किए और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन के समापन सत्र में संसदीय कार्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर विधायी संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने, सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। राष्ट्रीय मंथन के उपरांत सम्मेलन का समापन स्वस्तिवाचन के साथ किया गया, जो भारतीय संसदीय परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए पीठासीन अधिकारियों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति रही।
86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन न केवल विधायी प्रक्रियाओं के सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, बल्कि इसने संघीय ढांचे में राज्यों की विधानसभाओं की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश भी दिया। सम्मेलन के निष्कर्षों को भविष्य की संसदीय कार्यप्रणाली में मार्गदर्शक के रूप में देखा जा रहा है।


