kolkata| पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों बेहद गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा फोर्ट विलियम के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी पर लगाए गए आरोपों के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और सेना के कमांड बेस फोर्ट विलियम का राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।

ममता बनर्जी के आरोपों के बाद भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। जानकारी के मुताबिक, दो वरिष्ठ सेना जनरलों ने पिछले सप्ताह राज्यपाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के आरोपों पर आपत्ति दर्ज कराई। राजभवन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और इसे केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया है।

राज्यपाल सीवी आनंदा बोस ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पहले स्वयं यह सत्यापित करेंगे कि क्या मुख्यमंत्री द्वारा कोई संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा पाया जाता है तो वह निश्चित रूप से हस्तक्षेप करेंगे। वहीं, फोर्ट विलियम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी राज्यपाल से मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है और एसआईआर अभ्यास को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल को अपनी निजी जागीर समझती हैं। वहीं, वामपंथी नेता एमडी सलीम ने इसे गंभीर मामला करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का भ्रम दूर हो सके।

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