लखनऊ| राजधानी के गोमतीनगर विस्तार स्थित इकाना मेडिकेयर एंड रिसर्च सेंटर में मरीज की मौत के बाद रविवार रात उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंच गए। आरोप है कि शव न दिए जाने को लेकर अस्पताल स्टाफ से न सिर्फ तीखी नोकझोंक हुई, बल्कि अभद्रता भी की गई। अस्पताल संचालक की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक 55 वर्षीय अरबाज को गंभीर हालत में इकाना मेडिकेयर एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। आंत फटने के साथ ही उन्हें कई अन्य जटिल बीमारियां थीं और वह करीब 25 दिनों से वेंटिलेटर पर थे। रविवार दोपहर उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इलाज का करीब तीन लाख रुपये का बकाया था, जिसे जमा करने के बाद ही शव सौंपने की बात कही गई।
रविवार रात करीब नौ बजे सपा विधायक समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और शव रोके जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल स्टाफ से अभद्र व्यवहार भी किया गया। हंगामे के बाद बकाया बिल का भुगतान किए बिना ही शव लेकर जाने की बात सामने आई है।
अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. शिवम कृष्णन ने सपा विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




