फर्रुखाबाद: “मिशन वात्सल्य” (Mission Vatsalya) के अंतर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (child service scheme) के तहत जिला टास्क फोर्स, बाल विवाह डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड स्तर एवं ग्राम स्तर पर गठित समितियों की बैठकें रोस्टर के अनुसार प्रत्येक त्रैमास में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं तथा इन बैठकों को ग्राम चौपाल के एजेंडे में शामिल किया जाए। साथ ही सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ब्लॉक बाल कल्याण संरक्षण समिति की बैठकें एक वर्ष के निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से सम्पन्न कराएं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में बाल विवाह की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाए। जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को निर्देशित किया कि होटल, ढाबों एवं कारखानों पर बाल श्रमिकों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए। एआरटीओ को निर्देश दिए गए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा स्कूटी, किसी भी प्रकार के वाहन अथवा ई-रिक्शा चलाते पाए जाने पर सघन अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम
जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विद्यालय में प्रति माह कम से कम एक गोष्ठी आयोजित कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बच्चों को जागरूक किया जाए। बाल विवाह की रोकथाम के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, इमरजेंसी नंबर 112 अथवा विभागीय सीयूजी नंबर 7518024057 पर सूचना देने की अपील की गई।इसके साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक को बाल विवाह रोकथाम के संबंध में एक सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए गए।
रेस्क्यू एवं पुनर्वासन की कार्यवाही
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़क पर कठिन परिस्थितियों में मिलने वाले अनाथ, परित्यक्त अथवा आपात स्थिति में रह रहे बच्चों व व्यक्तियों के पुनर्वासन हेतु संबंधित विभागों की संयुक्त समिति द्वारा औचक ड्राइव चलाई जाए। रेस्क्यू के दौरान मिलने वाले बच्चों एवं महिलाओं को यथासंभव परिवार में पुनर्वासित करने अथवा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल देखरेख संस्थाओं एवं महिला आश्रय गृहों में आवासित कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार गौड़, मुख्य विकास अधिकारी अवनीन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी रजनीकांत, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, एआरटीओ, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


