अलीगढ़| तस्वीर महल चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब की कंपोजिट शॉप के बाद अब टप्पल की छह करोड़ रुपये राजस्व वाली मॉडल शॉप को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग के बीच टकराव सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाईवे किनारे शराब दुकानों को हटाने के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बावजूद दोनों विभागों की रिपोर्ट में बड़ा विरोधाभास नजर आ रहा है, जिससे मामला और उलझ गया है।

एसएसपी कार्यालय की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि टप्पल इंटरचेंज के पास यह मॉडल शॉप यमुना एक्सप्रेस-वे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही है। जबकि शासन के मानकों के अनुसार किसी भी एक्सप्रेस-वे या हाईवे से शराब की दुकान की न्यूनतम दूरी 200 मीटर होनी चाहिए। इसी आधार पर थाना प्रभारी ने मॉडल शॉप को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की संस्तुति की है।

पुलिस रिपोर्ट के बाद आबकारी विभाग ने क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक से जांच कराई। विभागीय रिपोर्ट में कहा गया कि यमुना एक्सप्रेस-वे वर्ष 2012 में बनकर तैयार हुआ था और तब से लिंक रोड के माध्यम से अलीगढ़ की ओर यातायात संचालित हो रहा है। आबकारी विभाग के अनुसार टप्पल मॉडल शॉप राष्ट्रीय राजमार्ग 334D से पैदल मार्ग के जरिए 220 मीटर की दूरी पर स्थित है और सभी नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है। इस शॉप से सरकार को करीब छह करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।

जिला आबकारी अधिकारी डीके गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि टप्पल मॉडल शॉप को स्थानांतरित करने के लिए कोई ऐसा उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं है, जहां राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऐसे में आबकारी विभाग ने शॉप को वर्तमान स्थान पर ही संचालित किए जाने को उचित ठहराया है। अब पुलिस और आबकारी विभाग की अलग-अलग रिपोर्टों के चलते यह मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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