जम्मू| किश्तवाड़ जिले के दुर्गम पहाड़ी इलाके सिंहपोरा में सुरक्षाबलों और पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ ने गंभीर रूप ले लिया है। रविवार को चतरू बेल्ट के मंदराल–सिंहपोरा क्षेत्र के सोनार गांव के पास शुरू हुए सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक गोलीबारी कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से भारी फायरिंग हुई, जिसमें देश के लिए लड़ते हुए एक जवान बलिदान हो गया, जबकि सात अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबलों को इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। आतंकियों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है और उनके पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की आशंका है। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने घनी जंगलों और ऊंची पहाड़ियों का फायदा उठाने की कोशिश की।
रविवार देर रात घना अंधेरा, खड़ी ढलानें और सीमित दृश्यता के कारण ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। हालांकि, सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया, ताकि आतंकी किसी भी सूरत में फरार न हो सकें। सोमवार सुबह पहली रोशनी के साथ सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। ड्रोन की मदद से ऊपर से निगरानी की जा रही है, जबकि स्निफर डॉग्स की सहायता से जंगल और आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक आतंकियों के साथ कोई नया संपर्क नहीं हुआ है, लेकिन पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षाबल हर संभावित ठिकाने की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। सुरक्षाबलों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकियों को ढेर नहीं कर दिया जाता या उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता।


