फर्रुखाबाद: कालिंद्री एक्सप्रेस (Kalindi Express) में बम रखे होने की सूचना से सोमवार सुबह रेलवे स्टेशन (railway station) पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल में हड़कंप मच गया। यात्रियों को ट्रेन की बोगियों से नीचे उतारकर डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया। गहन जांच के बाद जब किसी भी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला, तब जाकर पुलिस और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, भिवानी से चलकर आज सुबह 10.38 बजे फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची कालिंद्री एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने स्टेशन मास्टर मनोज कुमार को सूचना दी कि ट्रेन में बम रखा है और किसी भी समय विस्फोट हो सकता है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर ने तत्काल इसकी जानकारी इज्जतनगर कंट्रोल रूम को दी।
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, कोतवाली थाना अध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी, आरपीएफ थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा, जीआरपी थाना अध्यक्ष रिपू दमन सिंह भारी पुलिस बल और डॉग स्क्वायड टीम के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और ट्रेन की सभी बोगियों की गहन तलाशी ली।

इस दौरान रेलवे पुलिस फोर्स ने बम की सूचना देने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम श्यामू उर्फ सामोद कुमार श्रीवास्तव, पुत्र जिलेदार, निवासी ग्राम सिकंदरपुर नगला विनायक, थाना नवाबगंज बताया। गहन पूछताछ और परिजनों से संपर्क करने पर पुलिस को जानकारी मिली कि श्यामू मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज दिल्ली में चल रहा है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि श्यामू दिल्ली के सोनी विहार कॉलोनी में रहने वाली अपनी बहन कंचन के घर से जनरल बोगी में कालिंद्री एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था। बहन कंचन ने पुलिस को फोन पर बताया कि उसका भाई मानसिक रोगी है और उसका नियमित इलाज चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे की कार्रवाई की।
करीब दो घंटे तक चली जांच और तलाशी के बाद जब ट्रेन में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब कालिंद्री एक्सप्रेस को दोपहर 12.50 बजे फर्रुखाबाद स्टेशन से रवाना किया गया। उल्लेखनीय है कि ट्रेन पहले से ही 4 घंटे 38 मिनट विलंब से स्टेशन पहुंची थी और बम की सूचना के चलते इसे 1 घंटा 27 मिनट और देरी से रवाना किया गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बम की अफवाह के कारण पहले से लेट चल रही ट्रेन में बैठे यात्रियों में भय और नाराजगी दोनों देखने को मिली। कई यात्रियों ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाए।
इधर, आरपीएफ अधिकारियों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि स्टेशन मास्टर ने उन्हें सीधे सूचना न देकर कंट्रोल रूम को जानकारी दी। वहीं स्टेशन मास्टर मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का पूरी तरह पालन किया है। उनका कहना था कि यदि वास्तव में कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी उन पर डाली जाती, इसलिए उन्होंने नियमों के अनुसार कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना दी।
फिलहाल पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और अफवाह फैलाने से उत्पन्न हुई स्थिति को लेकर आगे की विधिक प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की मानसिक स्थिति की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


