राजेपुर: थाना क्षेत्र के दौलतपुर (Daulatpur) चकई के निकट रविवार को मानवता को शर्मसार करने वाली एक संवेदनहीन घटना सामने आई है। फरीदाबाद (Faridabad) से अपने पैतृक गांव लौट रहे 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए शव को सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
मृतक की पहचान अमरीश पुत्र भजनलाल, निवासी अलादपुर भटौली, थाना अमृतपुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार अमरीश पिछले करीब 15 वर्षों से फरीदाबाद-दिल्ली क्षेत्र में नौकरी कर रहे थे। फरीदाबाद में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिस पर उन्होंने अपने भतीजे अरविंद को फोन कर इसकी जानकारी दी। भतीजे की सलाह पर अमरीश को एक प्राइवेट एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव भेजा जा रहा था।
बताया गया है कि यात्रा के दौरान अमरीश की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रास्ते में ही एंबुलेंस के अंदर उनकी मौत हो गई। इसके बाद एंबुलेंस चालक ने न तो किसी अस्पताल में सूचना दी और न ही पुलिस को जानकारी दी। बल्कि अमानवीय रवैया अपनाते हुए उसने दौलतपुर चकई के पास शव को सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से फरार हो गया। हालांकि, मृतक की पहचान के लिए चालक ने उसकी जेब में नाम-पते से संबंधित एक पर्चा छोड़ दिया।
सुबह के समय जब राहगीरों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा, तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना राजेपुर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुदेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव की तलाशी ली, जिसमें मृतक की जेब से पहचान संबंधी पर्चा बरामद हुआ। इसके आधार पर मृतक के भतीजे अरविंद को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।
पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के उपरांत परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थानाध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अमरीश की मौत पहले ही हो चुकी थी। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार एंबुलेंस चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर प्राइवेट एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनहीन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की अमानवीय हरकत करने का साहस न कर सके।


