19 C
Lucknow
Saturday, January 24, 2026

अवैध प्लाटिंग का केंद्र बना चर्चित तेल माफिया पवन कटियार प्रशासन के रडार पर

Must read

– पूर्व में अपनी फर्जी पंप पर करवा चुका हत्या
– सरकारी तालाब को कब्जा कर पाट लिया हुई शिकायत
– जिला प्रशासन पूर्व में चला चुका बुलडोजर

फर्रुखाबाद: अवैध प्लाटिंग (illegal plotting) और सरकारी भूमि पर कब्जे के मामलों में अब पवन कटियार (Pawan Katiyar) का नाम सबसे प्रमुख रूप से उभर कर सामने आ रहा है। स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों और पीड़ितों के आरोपों के अनुसार, आवास विकास कॉलोनी के समीप नेकपुर क्षेत्र में सरकारी तालाब को पाटकर कब्जा किए जाने के मामले में पवन कटियार की भूमिका बताई जा रही है। इस संबंध में शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं।

इसी क्रम में चांदपुर के निकट इटावा–बरेली हाईवे पर भी पवन कटियार और उसके धनसुआ निवासी समधी के खिलाफ करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध प्लाटिंग की तैयारी के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के जमीन पर मिट्टी डलवाने का काम शुरू कर दिया गया, जबकि इस प्रक्रिया में कई छोटे काश्तकारों की भूमि पर भी कब्जा कर लिया गया।

पीड़ित काश्तकारों का कहना है कि वे मसेनी क्षेत्र के निवासी हैं और न्याय के लिए लगातार प्रशासनिक कार्यालयों व न्यायालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठोस राहत नहीं मिल सकी है।

प्रभारी मंत्री के सामने फूटा गुस्सा

हाल ही में जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सर्किट हाउस दौरे के दौरान एक महिला ने खुलेआम अवैध प्लाटिंग और कब्जे का मामला उठाते हुए हंगामा किया था। इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और सत्तारूढ़ दल की जिला स्तर पर तीखी आलोचना भी हुई थी।

पुराने मामलों से भी जुड़ रहा नाम

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि पवन कटियार पूर्व में बायोडीजल के नाम पर फर्जी फिलिंग स्टेशन संचालन के मामलों में भी आरोपों के घेरे में रहा है, जिन पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। रोशनाबाद स्थित अपनी फर्जी पंप पर पवन के गुर्गो ने एक हत्या भी कर दी थी। हालांकि, इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया अब भी लंबित बताई जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शासन के निर्देशों के बाद अब पवन कटियार और उससे जुड़े नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जा रही है। अवैध प्लाटिंग, सरकारी तालाबों पर कब्जा और छोटे काश्तकारों के अधिकारों के हनन से जुड़े मामलों में साक्ष्य संकलन और जांच तेज कर दी गई है। आरोपों की पुष्टि होने पर कठोर कार्रवाई से इनकार नहीं किया गया है।

नोट: यह समाचार शिकायतों, पीड़ितों के आरोपों और प्रशासनिक सूत्रों पर आधारित है। सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article