लखनऊ| पिछले एक–दो दिनों से सोशल मीडिया पर काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने के वीडियो वायरल होने के बाद वाराणसी से लेकर प्रदेश की राजनीति तक हलचल तेज हो गई है। इन्हीं आरोपों का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मीडिया के सामने आए और वायरल वीडियो व दावों को सिरे से खारिज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में पिछले 11 वर्षों में हुए समग्र विकास कार्यों को बाधित करने के लिए सुनियोजित साजिश और दुष्प्रचार किया जा रहा है। जनता के सामने सही तथ्य लाने के लिए उन्हें स्वयं सामने आना पड़ा। उन्होंने कहा कि काशी हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी की आस्था का केंद्र है, लेकिन स्वतंत्र भारत में लंबे समय तक काशी को वह सम्मान और विकास नहीं मिला, जिसकी वह हकदार थी। पिछले 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए भौतिक विकास के जरिए नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि काशी में कोई मंदिर तोड़े नहीं गए, बल्कि उनका पुनरुद्धार किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के समय भी कांग्रेस ने सफेद झूठ फैलाया था कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जीर्ण–शीर्ण अवस्था में पड़े मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया और वे आज भी अपने मूल स्वरूप में मौजूद हैं। सीएम योगी ने माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा का उदाहरण देते हुए कहा कि सौ वर्ष पहले यह मूर्ति चोरी होकर यूरोप पहुंचा दी गई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से वापस लाकर काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 1947 से 2014 तक केंद्र में रही कांग्रेस सरकारों ने यह प्रयास क्यों नहीं किया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकारों में भारत की विरासत के प्रति सम्मान का भाव नहीं था और तुष्टीकरण की राजनीति के चलते भारत की आस्था का अपमान किया गया।
इस बीच बसपा अध्यक्ष मायावती ने वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने की खबरों को लेकर राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से समाज के बड़े वर्ग में रोष और आक्रोश है, इसलिए सरकार को तुरंत स्थिति साफ करनी चाहिए, ताकि लोगों की आस्था और भावनाएं आहत न हों। वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा राज में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए हैं, उतने किसी राजा ने भी नहीं तोड़े। उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ न किए जाने के सरकारी दावे को गलत बताया और चुनौती दी कि मुख्यमंत्री काशी के लोगों की आंखों में आंखें डालकर यह बात कहकर दिखाएं। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर घोटालों के आरोप भी लगाए और कहा कि सपा की लीगल टीम इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार करेगी।
उधर मणिकर्णिका घाट को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी और कथित दुष्प्रचार के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। चौक थाने में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार कांग्रेस नेता पप्पू यादव, हरियाणा कांग्रेस की नेता जसविंदर कौर समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, परियोजना प्रबंधन और नगर निगम अधिकारियों की तहरीर पर सोशल मीडिया पर एआई का प्रयोग कर दुष्प्रचार करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। काशी को लेकर सियासी बयानबाजी, आरोप–प्रत्यारोप और कानूनी कार्रवाई के बीच यह मामला अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।

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