हरियाणा पुलिस से युवकों को छुड़ाने की जद्दोजहद, थाने में उमड़ी आधा सैकड़ा से अधिक भीड़
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। थाना अमृतपुर उस समय अफरातफरी और तनाव का केंद्र बन गया, जब हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए स्थानीय युवकों को छुड़ाने के लिए आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीण अचानक थाने में दाखिल हो गए। हालात इस कदर बिगड़ गए कि थाना परिसर कुछ समय के लिए जंग के मैदान जैसा नजर आने लगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा निवासी जितेंद्र पुत्र कंवर सिंह, निवासी मजोला बांस, ने अपनी डीसीएम चोरी होने का मुकदमा थाना बिलासपुर, हरियाणा में दर्ज कराया था।
बताया जा रहा है कि थाना अमृतपुर क्षेत्र के तीन युवक हरियाणा में रहकर ट्रक पर ड्राइवरी का काम करते थे। वाहन मालिक से किराए को लेकर कहासुनी और मारपीट होने के बाद चालक डीसीएम लेकर फर्रुखाबाद के थाना अमृतपुर क्षेत्र में आ गए।
इसके बाद वाहन मालिक ने डीसीएम चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया, जिस पर हरियाणा पुलिस ने जांच शुरू की।
जीपीएस लोकेशन से अमृतपुर पहुंची हरियाणा पुलिस
मुकदमे की विवेचना के दौरान जीपीएस लोकेशन के आधार पर हरियाणा पुलिस की टीम अमृतपुर कस्बे पहुंची। हरियाणा पुलिस के हेड कांस्टेबल निहाल सिंह एवं अजय कुमार ने दबिश देकर अतुल, रंजीत और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद हरियाणा पुलिस तीनों युवकों को लेकर थाना अमृतपुर पहुंची।
जैसे ही युवकों की गिरफ्तारी की खबर गांव में फैली, वैसे ही आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीण अचानक थाना अमृतपुर पहुंच गए।स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि भीड़ सीधे हवालात के गेट तक पहुंच गई। थाने के भीतर हड़कंप मच गया और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
थाना पुलिस की भूमिका पर सवाल
हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना अमृतपुर पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
न तो भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया और न ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया। यदि स्थिति और बिगड़ती, तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।वहीं हरियाणा पुलिस थाना परिसर के भीतर अपना बचाव करती नजर आई और स्थानीय लोगों के आक्रोश के बीच स्थिति संभालने की कोशिश करती रही।
इस पूरे घटनाक्रम ने थाना अमृतपुर पुलिस की गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक चूक को उजागर कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि—
जब बाहरी राज्य की पुलिस दबिश देने आई थी,जब थाने में भारी भीड़ जमा हो चुकी थी,तो स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते, तो बड़ी अप्रिय घटना हो सकती थी। गनीमत रही कि किसी तरह मामला नियंत्रण में रहा, लेकिन यह घटना पुलिस की तैयारियों और समन्वय पर गंभीर प्रश्नचिन्ह छोड़ गई है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और थाना अमृतपुर पुलिस की भूमिका की जांच होती है या नहीं।





